भारतीय राज्य व्यवस्था का इतिहास – History Of Indian Polity Part 1

QuestionAnswer
संविधान सभा की प्रथम बैठक हुई थी –9 दिसम्बर, 1946 को प्रातः 11 बजे
भारत में संविधान सभा का गठन किय गया था-कैबिनेट मिशन (1946) की सिफारिश पर संविधान सभा का गठन हुआ था
संविधान सभा का पुनर्गठन (3 जून, 1947 को विभजन के बाद) हुआ था- 31 अक्टूबर, 1947 को
संविधान सभा में कुल सदस्यों की संख्या निर्धारित की गई थी – 389
संविधान के मूल मसौदे पर हस्ताक्षर थे 284 सदस्यों के संविधान सभा में ब्रिटिश प्रान्तों, देशी रियासतों तथा कमीशनरी से प्रतिनिधि थे- क्रमश: 292,93 तथा 4
देश के विभाजन होने पर प्रान्तों तथा देशी रियासतों की सदस्य संख्या रह गई- क्रमशः 235 तथा 89 (कुल-324)
संविधान सभा की प्रथम बैठक की अध्यक्षता (अस्थायी) की थी – डॉ० सच्चिदानन्द सिंहा ने
 संविधान सभा का स्थायी अध्यक्ष 11 दिसम्बर, 1946 को चुना गया- डॉ० राजेन्द्र प्रसाद को
 संविधान सभा के संवैधानिक सलाहकार थे- श्री बी0 एन0 राव (श्री बेनेगल नरसिंह राव)
29 अगस्त 1947 को गठित 7 सदस्यीय प्रारूप समिति के अध्यक्ष थे- डॉ0 बी0 आर0 अम्बेडकर
QuestionAnswers
संविधान के प्रारूप पर बहस हुई थी- 114 दिन
भारतीय संविधान को पारित एवं अंगीकार किया गया- 26 नवम्बर, 1949 को
सम्पूर्ण संविधान लागू या प्रवृत्त हुआ- 26 जनवरी, 1950 को
संविधान निर्माण में लगा समय है-  2 वर्ष 11 महीना तथा 18 दिन
विश्व में सबसे लम्बा लिखित संविधान है- भारत का
स्वतंत्रता के समय भारत में देशी रियासतें थी- 542
मूल संविधान में अनुच्छेद अनुसूचियों तथा भागों की संख्या थी- 396 अनुच्छेद, 8 अनुसूचियाँ तथा 22 भाग
वर्तमान में अनुच्छेद एवं अनुसूचियों की संख्या है- 448 अनुच्छेव, तथा 12 अनुसूचियाँ
अनुच्छेद 1 में भारत को कहा गया है –  राज्यों का संघ
‘संघ’ अर्थात् यूनियन शब्द लिया गया है- कनाडा के संविधान से
QuestionAnswer
‘भारतीय संविधान का जनक’ कहा जाता है- डॉ0 भीमराव अम्बेडकर को
‘संविधान की कुंजी’ कहा जाता है- प्रस्तावना को
लघु संविधान (Mini Constitution) कहा जाता है- 42वें संविधान संशोधन को
भीमराव अम्बेडकर ने ‘संविधान की मूल आत्मा’ कहा है- संवैधानिक उपचार को
पाकिस्तान के लिए अलग संविधान सभा का गठन किया गया- 3 जून, 1947 को
वर्तमान में भारतीय संघ में है – 28 प्रांत तथा 7 संघशासित प्रदेश
पंथ-निरपेक्ष, समाजवादी और अखण्डता शब्द प्रस्तावना में जोड़ा गया- 42वें संविधान संशोधन (1976) के द्वारा
संविधान की संप्रभुता निहीत होती है- भारत के लोगों में
‘राज्य के नीति-निर्देशक तत्व’ प्रभावित है – आयरलैंड के संविधान से
भारतीय संविधान में न्यायिक पुनरावलोकन’ तथा ‘मौलिक अधिकार’ प्रभावित है- संयुक्त राज्य अमेरिका के संविधान से
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QuestionAnswers
भारतीय संविधान में ‘मौलिक कर्त्तव्य लिया गया है- सोवियत रूस के संविधान से
भारतीय ‘संसदीय शासन प्रणाली’ प्रभावित है- ब्रिटेन के संविधान से
“संविधान संशोधन की प्रक्रिया’ लिया गया है- दक्षिण अफ्रीका के संविधान से
संविधान संशोधन की प्रक्रिया वर्णित है- अनुच्छेद-368 तथा भाग-20 में
प्रथम संविधान संशोधन हुआ था- 1951 में
‘राज्य के नीति-निर्देशक तत्व’ वर्णित है- भाग-IV (अनु0 36 से 51 में)
संविधान सभा के ‘झंडा समिति’ तथा ‘संचालन समिति के अध्यक्ष थे- क्रमशः जे0 बी0 कृपलानी तथा डॉ0 राजेन्द्र प्रसाद
मौलिक अधिकार वर्णित है –भाग-3 (अनु0-12 से 35) में
भारतीय संविधान में ‘आपात उपबंध लिया गया है-
जर्मनी के संविधान से
भारतीय संविधान में ‘नागरिकता संबंधी व्यवस्था की गई है-
भाग-2 (अनु0 5 से 11) में
QuestionAnswer
मौलिक कर्त्तव्य (संख्या-11) वर्णित है- भाग-4 (क) तथा अनु0-51 (क)
संविधान में मौलिक कर्तव्य (42वें संविधान संशोधन 1976 द्वारा) जोड़ा गया- सरदार स्वर्ण सिंह समिति की अनुशंसा पर
भारत के 22 भाषाओं का उल्लेख है-8वीं अनुसूची में (भाग-17)
दल-बदल निरोधक उपबंध वर्णित है- 10वीं अनुसूची में
संघ-सूची, राज्य-सूची तथा समवर्ती सूची का संबंध है- 7वीं अनुसूची से (अनुच्छेद-246)
संघ-सूची, समवर्ती-सूची एवं राज्य-सूची में उल्लेखित विषयों की संख्या है- क्रमशः 98,52 एवं 62
रक्षा, विदेश, नागरिकता, रेलवे, डाक-तार प्रमुख विषय है- संघ सूची का
पुलिस, जेल, कृषि, लोक-व्यवस्था, स्थानीय शासन प्रमुख विषय है- राज्य-सूची का
शिक्षा, वन, परिवार, नियोजन, सामाजिक सुरक्षा, दंडसंहिता प्रमुख विषय है- समवर्ती सूची का
कोई व्यक्ति भारत का नागरिक माना जायेगा, यदि उसका जन्म हुआ हो- 26 जनवरी 1950 के उपरान्त भारत में हुआ हो
QuestionAnswer
भारत से लगातार कितने वर्ष बाहर रहने पर नागरिकता समाप्त हो जाती है- 7 वर्ष
भारत में लगातार कितने वर्ष रहने पर नागरिकता प्राप्त हो जाती है- (10 वर्ष)
मूल संविधान में मौलिक अधिकारों की संत्र्या थी- 7 (वर्तमान में 6)
वर्तमान में संपत्ति का अधिकार है – विधिक अधिकार (अनु0-300 क)
संपत्ति के अधिकार को मूल अधिकार से हटा दिया गया- 44वाँ संशोधन (1978) द्वारा
मौलिक अधिकारों को संशोधित करने का अधिकार है- संसद को
‘अस्पृश्यता का अंत किया गया है- अनुच्छेद-17 द्वारा
भारतीय संविधान को अर्द्धसंघीय संविधान कहा है – व्हीयर ने
‘प्रेस की स्वतंत्रता’ वर्णित है- अनु0-19(अ) में
प्राण व दैहिक स्वतंत्रता दी गई है.- अनु०-21 में
QuestionAnswer
देश का प्रथम नागरिक तथा कार्यपालिका का संवैधानिक प्रधान होता है- राष्ट्रपति
राष्ट्रपति तथा उपराष्ट्रपति पद के लिए न्यूनतम आयु सीमा है – 35 वर्ष
राष्ट्रपति को पद से हटाया जा सकता है- महाभियोग द्वारा (अनु.-61, कोई भी सदन)
लोकसभा भंग (अनु.-85) तथा मृत्यु दण्ड क्षमा (अनु.-72) कर सकता है- राष्ट्रपति
राष्ट्रपति लोकसभा तथा राज्यसभा में मनोनीत करता है- क्रमशः 2 एवं 12 सदस्यों को
राष्ट्रपति पर महाभियोग लगाने की सूचना दी जाती है- 14 दिन पूर्व
राष्ट्रपति शासन सबसे पहले लागू किया गया था- पंजाब में (1951 ई0 में, अनु.-356 के तहत)
सर्वाधिक समय तक राष्ट्रपति शासन प्रयोग में रहा- पंजाब में (1987-1992)
राष्ट्रपति शासन की न्यूनतम तथा अधिकतम अवधि है- क्रमशः 6 मास तथा 3 वर्ष
दोनों सदनों (राज्यसभा एवं लोकसभा) के संयुक्त बैठक को बुलाता तथा उसकी अध्यक्षता करता है- क्रमशः राष्ट्रपति तथा लोकसभाध्यक्ष
निर्विरोध निर्वाचित होने वाले एकमात्र राष्ट्रपति थे- नीलम संजीवा रेड्डी
QuestionAnswer
उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल, महान्यायवादी, तथा उच्च एवं उच्चतम न्यायालय
के न्यायाधीशों की नियुक्ति करता है-
 राष्ट्रपति
राष्ट्रपति के चुनाव में भाग लेते है- संसद व राज्यों के विधान सभाओं के निर्वाचित सदस्य
संसद का निम्न तथा उच्च सदन कहलाता है- क्रमशः लोकसभा एवं राज्यसभा
 राज्य सभा एक स्थायी सदन है- क्योंकि इसे भंग नहीं किया जा सकता
 राज्यसभा का अध्यक्ष या पदेन सभापति होता है – उपराष्ट्रपति
 राज्यसभा तथा लोकसभा के सदस्यों की अधिकतम संख्या है- क्रमश: 250 तथा 552
राज्यसभा या लोकसभा के दो सत्रों के बीच अधिकतम अंतर होता है- 6 माह का
 कोई विधेयक धन विधेयक है या नहीं इसका निर्णय करता है- लोकसभा अध्यक्ष
राज्यसभा के एक-तिहाई सदस्य अवकाश ग्रहण करते है- प्रत्येक 2 साल पर
धन विधेयक प्रस्तुत किया जाता है- केवल लोकसभा में
QuestionAnswer
धन विधेयक को राज्यसभा विचारार्थ अपने पास रखती है- केवल 14 दिनों तक (अनु0-110 में वर्णित)
लोकसभा की कोरम या गणपूर्ति के लिए आवश्यक है- कुल का 1/10 सदस्य का होना
लोकसभा तथा राज्यसभा के सदस्यों का कार्यकाल होता है- क्रमशः 5 वर्ष तथा 6 वर्ष
पहली लोकसभा की पहली बैठक हुई थी-  6 मई, 1952 को
राज्यसभा का गठन सर्वप्रथम हुआ था-  3 अगस्त, 1952 को
लोकसभा तथा राज्यसभा के सदस्यों की न्यूनतम आयु सीमा होती है- क्रमश: 25 वर्ष तथा 30 वर्ष
प्रधानमंत्री के लिए न्यूनतम आयु सीमा तथा कार्यकाल है- क्रमशः 25 वर्ष तथा 5 वर्ष  
मंत्रीपरिषद् सामूहिक रूप से उत्तरदायी होती है- लोकसभा के प्रति (अनु0-73(3))
भारत सरकार का सबसे बड़ा कानूनी अधिकारी होता है- महान्यायवादी (अनु.-73)
भारत के संसद के तीन अंग है – राष्ट्रपति, लोकसभा एवं राज्यसभा
QuestionAnswer
‘संविधान का रक्षक’ बनाया गया है-  उच्चतम न्यायालय को
राज्य पुनर्गठन आयोग का गठन किया गया था- 1953 में
राज्य पुनर्गठन आयोग के अध्यक्ष थे – फजल अली
राष्ट्रपति तथा उपराष्ट्रपति को वेतन मिलता है-
क्रमशः1,50,000 तथा 1,25,000 आरंभ में क्रमशः 5,00,000 तथा 4,00,000  वर्तमान में
प्रथम उपप्रधानमंत्री थे- सरदार वल्लभ भाई पटेल
प्रत्येक बैठक के आरंभ में एक घंटे का समय कहलाता है – प्रश्नकाल
प्रश्नकाल के तुरंत बाद का समय (12 से 1 बजे तक) कहलाता है- शून्यकाल
एक भी दिन संसद का सामना नहीं करने वाले प्रधानमंत्री थे- चौधरी चरण सिंह
उपराष्ट्रपति के चुनाव में भाग लेते है- संसद के दोनों सदनों के सदस्य
धन विधेयक को लोकसभा के प्रस्तुत करने से पूर्व अनुमति लेना आवश्यक है- राष्ट्रपति का
QuestionAnswer
किसी भी राज्य में राष्ट्रपति शासन की घोषणा करता है- राष्ट्रपति (अनुच्छेद-356)
मंत्रिपरिषद् का निर्माणकर्ता तथा संहारकर्ता होता है-  प्रधानमंत्री
वैसे राष्ट्रपति जिनकी मृत्यु उनके कार्यकाल के दौरान हुई थी- फखरुद्दीन अली अहमद और जाकिर हुसैन

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